राजस्थान में किसान महापंचायत के आह्वान पर 29 जनवरी को 45000 से अधिक गांवों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसानों की प्रमुख मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। किसानों की मांगों में एमएसपी पर फसल की खरीद, सिंचाई के लिए हर खेत को पानी और गांव के उत्पादन को गांव में ही बनाए रखने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आंदोलन की मुख्य मांगें 📝
1. एमएसपी पर फसल खरीद
किसान चाहते हैं कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करे।
2. हर खेत को पानी
सिंचाई के लिए हर खेत को पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
3. गांव का उत्पादन, गांव में ही उपयोग
महापंचायत का उद्देश्य है कि गांव का उत्पादन गांव में ही रहे और बाहर न जाए।
आंदोलन का स्वरूप 🚩
- तारीख: 29 जनवरी 2025
- स्थान: राजस्थान के 45000+ गांव
- प्रमुख नेतृत्व: महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट
- प्रभाव:
- गांव में सभी व्यापारिक गतिविधियां बंद रहेंगी।
- गांव के लोग अपने उत्पाद को बाहर नहीं बेचेंगे।
- सभी ट्रांसपोर्ट सेवाएं गांव में आएंगी, लेकिन ग्रामीण उनका उपयोग नहीं करेंगे।
आंदोलन का उद्देश्य 🎯
- गांव में ही उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देना।
- किसानों की मांगों को पूरा करवाना।
- सरकार को चेतावनी देना कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन अनिश्चितकालीन हो सकता है।
आंदोलन के दौरान गाइडलाइंस 📋
क्रमांक | निर्देश | विवरण |
---|---|---|
1 | कोई हिंसा नहीं होगी | आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा। |
2 | स्वेच्छा से भागीदारी | ग्रामीण अपनी मर्जी से इसमें भाग लेंगे। |
3 | उत्पाद गांव में ही बेचा जाएगा | बाहर से खरीदने वाले गांव में आएंगे। |
4 | ट्रांसपोर्ट का उपयोग नहीं होगा | ग्रामीण ट्रांसपोर्ट सेवाओं का उपयोग नहीं करेंगे। |
रामपाल जाट का बयान 📢
महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा:
“यह आंदोलन स्वेच्छा पर आधारित है। यदि सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।”
आंदोलन का असर 🌾
- 45000+ गांवों की भागीदारी।
- ग्रामीण अपने कार्यों को बंद करके आंदोलन में शामिल होंगे।
- गांव में उत्पादन और उपभोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष 🏞️
राजस्थान में यह आंदोलन किसानों की मांगों को लेकर एक बड़ा कदम है। यदि सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है।
👉 क्या आप इस आंदोलन का समर्थन करते हैं? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं।